Thursday, March 14, 2019

अजीम प्रेम जी ने किया बहुत बड़ा दान

भारतीय समूह विप्रो लिमिटेड के अरबपति चेयरमैन अजीम प्रेमजी, परोपकारी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए 7.5 बिलियन डॉलर की कंपनी में 34 प्रतिशत शेयर देंगे, जो भारतीय इतिहास में सबसे उदार दान है।
फाउंडेशन द्वारा प्रेमजी द्वारा नियंत्रित शेयरों को अपरिवर्तनीय रूप से त्याग दिया गया है और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के लिए रखा गया है, फाउंडेशन ने बुधवार को एक बयान में कहा।
"इस कार्रवाई के साथ, श्री प्रेमजी द्वारा योगदान किए गए परोपकारी एंडॉवमेंट कॉर्पस का कुल मूल्य $ 21 बिलियन है, जिसमें विप्रो के आर्थिक स्वामित्व का 67% शामिल है।"
उनकी नींव शिक्षा में सीधे काम करती है और बहु-वर्षीय वित्तीय अनुदान के माध्यम से कम-विशेषाधिकार प्राप्त और हाशिए पर रहने वाले 150 से अधिक गैर-लाभकारी संगठनों का समर्थन करती है। फाउंडेशन ने शिक्षा और संबंधित मानव विकास डोमेन में पेशेवरों को विकसित करने, डिग्री और शिक्षा कार्यक्रमों की पेशकश करने और अनुसंधान का संचालन करने के लिए अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना की।
बयान में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में यह आधार काफी महत्वपूर्ण हो जाएगा। शिक्षा में काम करने वाली टीम मौजूदा 1,600 लोगों से बढ़ेगी और अनुदान देने वाली गतिविधियाँ तिगुनी हो जाएँगी। बेंगलुरु स्थित विश्वविद्यालय 400 से अधिक संकाय सदस्यों के साथ 5,000 छात्रों का विस्तार करेगा। यह फाउंडेशन उत्तर भारत में एक और विश्वविद्यालय स्थापित करने का इरादा रखता है।
अल्ट्रा-अमीर भारतीय, जिनकी कुल संपत्ति $ 50 मिलियन से अधिक है, वे पांच साल पहले की तुलना में कम धर्मार्थ हैं, मिंट अखबार ने पिछले हफ्ते रिपोर्ट की थी, जिसमें प्रेमजी अपवाद थे। बेंगलुरु के 73 वर्षीय अरबपति भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं और ब्लूमबर्ग की वैश्विक अरबपतियों की सूची में 51 वें स्थान पर हैं।

Sunday, March 10, 2019

आदर्श आचार संहिता' लागू, जानिए इसके बारे में सब कुछ

लोकसभा चुनावों के एलान के साथ ही 'आदर्श आचार संहिता' लागू, जानिए इसके बारे में सब कुछ*👇

लोकसभा चुनाव का एलान हो चुका है। और इसी के साथ लागू हो गई है आदर्श आचार संहिता। इस चुनावी माहौल में आपके लिए जरूरी है कि आप चुनाव के तमाम नियमों से अपडेट रहें। भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत पारदर्शी चुनावों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है। इसलिए चुनाव आयोग 'चुनाव आचार संहिता' लागू करता है जिसका पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है।

*चुनाव आचार संहिता : क्या, क्यों और कैसे?*

देश में होने वाले सभी चुनावों से पहले चुनाव आयोग आचार संहिता (Code of Conduct) लगाता है। इस दौरान राजनीतिक दलों, उनके उम्मीदवारों और आम जनता को सख्त नियमों का पालन करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है और  उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।

*सामान्य नियम:*

* कोई भी दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले।
* राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न कि व्यक्तिगत।
* धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
* मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि।
* किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें।
* किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें।
* राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हों।

*राजनीतिक सभाओं से जुड़े नियम :*

* सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए।
* दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहॉं निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है।
* सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें।
* सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें।



*कुछ और नियम*

*जुलूस संबंधी नियम :*

* जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को दें।
* जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो।
* राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात कर लें।
* जुलूस सड़क के दायीं ओर से निकाला जाए।
* जुलूस में ऐसी चीजों का प्रयोग न करें, जिनका दुरुपयोग उत्तेजना के क्षणों में हो सके।

*मतदान के दिन संबंधी नियम :*

* अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें।
* मतदाताओं को दी जाने वाली पर्ची सादे कागज पर हो और उसमें प्रतीक चिह्न, अभ्यर्थी या दल का नाम न हो।
* मतदान के दिन और इसके 24 घंटे पहले किसी को शराब वितरित न की जाए।
* मतदान केन्द्र के पास लगाए जाने वाले कैम्पों में भीड़ न लगाएं।
* कैम्प साधारण होने चाहिए।
* मतदान के दिन वाहन चलाने पर उसका परमिट प्राप्त करें।

*सत्ताधारी दल के लिए नियम :*

* कार्यकलापों में शिकायत का मौका न दें।
* मंत्री शासकीय दौरों के दौरान चुनाव प्रचार के कार्य न करें।
* इस काम में शासकीय मशीनरी तथा कर्मचारियों का इस्तेमाल न करें।
* सरकारी विमान और गाड़ियों का प्रयोग दल के हितों को बढ़ावा देने के लिए न हो।
* हेलीपेड पर एकाधिकार न जताएं।

Sunday, March 3, 2019

बारह महाजन

स्वयम्भुर्नारद:शम्भु कुमार: कपिलोमनु: 

प्रह्लादोजनको भीष्मो बलिर्वैयासकिर्वयम। 

ये12 महाजन हैं-स्वयंभू, शंभु, नारद, सनत कुमार, कपिल, मनु, जनक, भीष्म, बली, व्यास जी, प्रह्लाद और यमराज। 

Insurance is not investment

  Insurance is not investment. Insurance and investments are two different financial instruments that serve different purposes. Insurance ...