Tuesday, May 14, 2019

असमंजस

असमंजस 

तुझे न देखू तो क्या देखू
तुझे देखलूं ,  तो क्या देखूं|
तू साथ न हो तो, बारात क्या हो
तू साथ हो, तो बारात क्या हो |
तू न हो तो सबसे क्या
तू हो तो सबसे क्या |
तू पास न हो तो क्या मेला
तू पास हो गर तो क्या मेला|
तुझे न सोचूं तो क्या सोचूं
तुझे सोचूं तो क्या सोचूं|

                  -अवनीश द्विवेदी 


Thursday, May 2, 2019

शुभ अशुभ संकेत ! शुभ-अशुभ शकुन विचार

!! शुभ अशुभ संकेत ! शुभ-अशुभ शकुन विचार !!

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शगुन और अपशगुन को सदियो से माना जाता रहा है। मनुष्य के जीवन में होने वाले अच्छे बुरे या होनी अनहोनी की पूर्व जानकारी प्रकृति विभिन्न माध्यम से दे देती है। शुभ और अशुभ संकेतों में विश्वास हमेशा से मानव सोच का एक हिस्सा रहे है।

हम में से कई शुभ और अशुभ संकेतों को अच्छे भाग्य और विपत्ति के लक्षण के रूप में विश्वास करते हैं। लोग शुभ और अशुभ दिनों, पक्षियों ,जानवरों आदि में विश्वास करते है। ऐसे ही कुछ प्रमुख शकुन एवं अपशकुन की जानकारी आपको यहाँ दे रहे हैं लेकिन इन्हें प्रयोग में लाने से पहले किसी विवाद में न पड़ कर खुद समय आने पर इनका निरीक्षण परीक्षण कर सकते हैं।

 जानें क्या है शुभ और क्या अशुभ !!

अगर घर में बिल्ली बच्चे को जन्म देती है तो यह शुभ संकेत है , जिससे जल्दी ही धन संपदा की प्राप्ति होगी, ऐसे कई संकेत प्रकृति हमारे सामने हमेशा रखती है, लेकिन, लोग जानकारी के आभाव में समझ नहीं पाते है। यह कुदरत का नियम है कि जो भी शुभ या अशुभ होना है, उसकी पूर्व सुचना मनुष्य को ऐसे ही संकेतों से मिलती है।

पहले के ऋषि मुनि चिन्तक और आत्म दर्शी होते है। और वह मानव जीवन की, प्रकृति परिवर्तन की, पशु-पक्षियों के व्यवहार, बोली अथवा बार बार होने वाली घटनाओं का अत्यंत सूक्ष्म दृष्टि से विश्लेषण कर सकते है। वृहत संहिता में एक सम्पूर्ण अध्याय इसी विषय पर लिखा गया है।

गाय अचानक गाय घर के दरवाजे के अंदर आकार रम्भाना शुरू कर दें तो, यह संकेत सुख सौभाग्य का सूचक है।

यदि आपके घर के आँगन में बन्दर आम की गुठली कहीं से लाकर डाल दे तो, यह संकेत आपके व्यापार में लाभ होने का सूचक होता है।

जिस घर के दरवाजे पर आकर गाय जोर-जोर से रंभाए तो निश्चय ही उस घर के सुख में वृद्धि होती है।

कौवा आपके घर के मुख्य द्वार के पास यदि कौवा सुबह सुबह बोलता है तो समझ लीजिए कि आज आपके घर कोई आने वाला है। यदि दोपहर को बोलता है तो कोई पत्र या अतिथि आपसे मिलने आएगा।

यदि तीतर घर के दक्षिण दिशा में आवाज करता है तो अचानक सुख सौभाग्य और धन प्राप्ति का योग बनता है।

आपके घर में यदि कोई भी पक्षी चांदी का टुकड़ा या चांदी की अन्य चीज ला कर डाल देता है तो आपको कहीं से अचानक लक्ष्मी की प्राप्ति होगी।

आपके घर की मुंडेर या चार दीवारी पर यदि कोयल या सोन चिड़िया बैठ कर मधुर स्वर करती है तो घर के स्वामी का भाग्योदय होता है तथा सुखी जीवन का प्रतीक संकेत है।

जिस घर की छत या मुंडेर पर कोयल या सोन चिरैय्या चहचहाए, वहां निश्चित ही धन की वृद्धि होती है।

काली चींटियों का घर की छत या दीवार पर घूमना या रेंगना घर की उन्नति के लिए शुभ संकेत माना जाता है। जिस घर में काली चींटियां समूह में घूमती हों वहां ऐश्वर्य वृद्धि होती है, किन्तु मतभेद भी होते हैं।

हाथी यदि आपके घर के मुख्य द्वार के सामने अचानक हाथी आ कर अपनी सूंड उठा कर जोर से स्वर करता है तो वाद विवाद में आपकी जीत होती है और मुकद्दमा आपके पक्ष में होता चला जायगा। जिस घर के द्वार पर हाथी अपनी सूंड ऊंची करे वहां उन्नति, वृद्धि तथा मंगल होने की सूचना मिलती है।

यदि आपके घर की किसी भी दीवार पर सफेद पंक्षी बैठ कर आवाज करता है तो यह संकेत आपकी व्यापार वृद्धि में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।

बिल्ली यदि घर में, छत या किसी कमरें में बिल्ली प्रसव करती है तो समझ लीजिए कि धन संपदा की वृद्धि होने वाली है।

जिस घर में प्राय: बिल्लियां आकर मल त्याग कर जाती हैं, वहां कुछ शुभत्व के लक्षण प्रकट होते हैं।

जिस भवन में बिल्लियां प्राय: लड़ती रहती हैं तो यह शुभ नहीं होता है। वहां शीघ्र ही विघटन की संभावना रहती है विवाद वृद्धि होती है। मतभेद होता है।

कुत्ता घर के सामने की ओर मुख करके कोई कुत्ता रोए तो निश्चय ही घर में कोई विपत्ति आने वाली है अथवा किसी की मृत्यु होने वाली है।

कबूतर घर में प्राकृतिक रूप से कबूतरों का वास शुभ होता है।

मकड़ी के जाले घर में मकड़ी के जाले का होना शुभ नहीं होता हैं।

मोर घर की सीमा में मोर का रहना या आना शुभ होता है।

बिच्छू जिस घर में बिच्छू कतार बना कर बाहर जाते हुए दिखाई दें तो समझ लेना चाहिए कि वहां से लक्ष्मी जाने की तैयारी कर रही हैं। पीला बिच्छू माया का प्रतीक है। पीला बिच्छू घर में निकले तो घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।

चमगादड़ घर में चमगादड़ों का वास अशुभ होता है।

छछूंदर जिस भवन में छछूंदरें घूमती हैं वहां लक्ष्मी की वृद्धि होती है।

काले चूहे जिस घर में काले चूहों की संख्या अधिक हो जाती है वहां किसी व्याधि के अचानक होने का अंदेशा रहता है।

आर्थिक या जीवनयापन में आने वाली सभी अड़चनों को दूर कर सकते है यह सफलता के उपाय

शुभ शकुन.....

यदि आपके सामने सुहागन स्त्री अथवा गाय आ जाए। और आप किसी कार्य से जा रहे हैं तो कार्य में सफलता मिलती है।

 कही जाते समय यदि आप कपड़े पहन रहे हैं और जेब से पैसे गिरें तो धन प्राप्ति का संकेत है। इसके विपरीत कपड़े उतारते समय भी ऐसा हो तो भी शुभ होता है।

आप सोकर उठे हों और कोई भिखारी माँगने आ जाए तो ये समझना चाहिए आपके द्वारा दिया गया पैसा (उधार) बिना माँगे वापस आ जाएगा।

सोकर उठते ही नेवला आपको दिख जाए तो गुप्त धन मिलने की संभावना रहती है।

किसी काम के लिए जाते समय आपके सामने कोई भी व्यक्ति गुड़ ले जाता हुआ दिखे तो आशा से अधिक लाभ होता है।

आप लड़की के लिए वर तलाश करने जा रहे हों। घर से निकलते समय चार कुँवारी लड़कियाँ बातचीत करते मिल जाएँ तो शुभ योग होता है।
यदि शरीर पर चिड़िया गंदगी कर दे तो आपने समझना चाहिए आपकी दरिद्रता दूर होने वाली है। ये शुभ शकुन हैं।

रामचरितमानस में वर्णित कुछ शुभ संकेत।

चारा चाषु बाम दिसि लेई। मनहुँ सकल मंगल कहि देई॥

भावार्थ:-  सुंदर शुभदायक शकुन हो रहे हैं। नीलकंठ पक्षी बाईं ओर चारा ले रहा है, मानो सम्पूर्ण मंगलों की सूचना दे रहा हो॥।

दाहिन काग सुखेत सुहावा। नकुल दरसु सब काहूँ पावा॥
सानुकूल बह त्रिबिध बयारी। सघट सबाल आव बर नारी॥

भावार्थ:-दाहिनी ओर कौआ सुंदर खेत में शोभा पा रहा है। नेवले का दर्शन भी सब किसी ने पाया। तीनों प्रकार की (शीतल, मंद, सुगंधित) हवा अनुकूल दिशा में चल रही है। श्रेष्ठ (सुहागिनी) स्त्रियाँ भरे हुए घड़े और गोद में बालक लिए आ रही हैं॥

लोवा फिरि फिरि दरसु देखावा। सुरभी सनमुख सिसुहि पिआवा॥
मृगमाला फिरि दाहिनि आई। मंगल गन जनु दीन्हि देखाई॥

भावार्थ:-लोमड़ी फिर-फिरकर (बार-बार) दिखाई दे जाती है। गायें सामने खड़ी बछड़ों को दूध पिलाती हैं। हरिनों की टोली (बाईं ओर से) घूमकर दाहिनी ओर को आई, मानो सभी मंगलों का समूह दिखाई दिया॥

छेमकरी कह छेम बिसेषी। स्यामा बाम सुतरु पर देखी॥
सनमुख आयउ दधि अरु मीना। कर पुस्तक दुइ बिप्र प्रबीना॥

भावार्थ:-क्षेमकरी (सफेद सिरवाली चील) विशेष रूप से क्षेम (कल्याण) कह रही है। श्यामा बाईं ओर सुंदर पेड़ पर दिखाई पड़ी। दही, मछली और दो विद्वान ब्राह्मण हाथ में पुस्तक लिए हुए सामने आए॥

मंगलमय कल्यानमय अभिमत फल दातार।
जनु सब साचे होन हित भए सगुन एक बार॥

भावार्थ:-सभी मंगलमय, कल्याणमय और मनोवांछित फल देने वाले शकुन मानो सच्चे होने के लिए एक ही साथ हो गए॥
जय रामजी की //

तुम्हारी जुदाई पर मेरी आँखों में आंसू ही नहीं आये

तुम्हारी जुदाई पर
मेरी आँखों में आंसू ही नहीं आये|
आंसू आते भी तो कैसे ,
दिमाग तो मान रहा था कि तुम जुदा हो गए
परंतु दिल मानने तो तैयार नहीं था |
मानता भी तो कैसे
तुम मुझसे जुदा हो गए यह महज भ्रम है तुम्हारा|
मुझको तुम खुद से जुदा चाहकर भी नहीं कर सकते |
मैं हरदम तुम्हारे साथ रहूंगा
कभी जब तुम अकेले में अपनी पुरानी किताबों को पलटोगे ,
तो  वो पाठ जो तुमने सबसे अच्छी तरह पढा होगा मैं वो पाठ हूं |
जिस टॉपिक को समझने की तुमने बड़ी रूचि से कोशिश की थी कभी उस टॉपिक के रूप में मिलूगा|
जो लाइने तुमने बड़ी चाहत से याद की होंगी उस याद के रूप में मिलूगा|

Insurance is not investment

  Insurance is not investment. Insurance and investments are two different financial instruments that serve different purposes. Insurance ...