Thursday, May 2, 2019

तुम्हारी जुदाई पर मेरी आँखों में आंसू ही नहीं आये

तुम्हारी जुदाई पर
मेरी आँखों में आंसू ही नहीं आये|
आंसू आते भी तो कैसे ,
दिमाग तो मान रहा था कि तुम जुदा हो गए
परंतु दिल मानने तो तैयार नहीं था |
मानता भी तो कैसे
तुम मुझसे जुदा हो गए यह महज भ्रम है तुम्हारा|
मुझको तुम खुद से जुदा चाहकर भी नहीं कर सकते |
मैं हरदम तुम्हारे साथ रहूंगा
कभी जब तुम अकेले में अपनी पुरानी किताबों को पलटोगे ,
तो  वो पाठ जो तुमने सबसे अच्छी तरह पढा होगा मैं वो पाठ हूं |
जिस टॉपिक को समझने की तुमने बड़ी रूचि से कोशिश की थी कभी उस टॉपिक के रूप में मिलूगा|
जो लाइने तुमने बड़ी चाहत से याद की होंगी उस याद के रूप में मिलूगा|

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